“मुश्किलों के दौर में हर कोई बहाने की चादर ओढ़ लेता है,पर जिसने हारी हुई बाजी पलट दी वही असली शेर था राष्ट्रीय समाज का …!!राजू पाल अमर रहें, राष्ट्रीय समाज के युवाओं की प्रेरणा,उप्र में तत्कालीन सरकार के गुंडों…
आजादी के बाद पिछले 70 वर्षों में भारतीय राजनीति को विविध पड़ावों से गुजरना पड़ा है। इन पड़ावों के अलग-अलग पहलू और अलग-अलग नायक रहे हैं। इनमें अधिकांश नायकों की संख्या उनकी है जो या तो स्वतन्त्रता आन्दोलन की पैदाइश थे…
महात्मा फुले के फुलेवाद स्वामीविवेकानंद के एकात्मकवाद और पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी के आदर्शवाद के एकमात्र सुल्तान राष्ट्रनायक महादेव जानकर को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। अखाड़ा दंगल का हो या सियासत का, वो विरोधियों को अपने दांव से चित करने में माहिर…
राष्ट्रनायक महादेव जी जानकर मेरा कार्यकर्ता गरीब हुआ तो क्या हुआ आज मैं जो भी हूँ ऐसे ही कट्टर कार्यकर्ताओं के बलबूते ,उनके अदम्य साहस गंभीर साथ कि बदौलत ही हूँ। अभी बहुत आगे ले जाना है इस राष्ट्रीय समाज…
राष्ट्रीय समाज पक्ष द्वारा चलो आगरा रैली का आयोजन किया गया
